नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी अपने EPF बैलेंस का 75% हिस्सा एडवांस के तौर पर जल्दी निकाल सकते हैं, जबकि बाकी बचा हिस्सा अब एक साल के इंतज़ार के बाद ही मिलता है — यह श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक EPFO के नए नियमों के तहत तय किया गया है। टैक्स की बात करें तो 5 साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री रहती है, उससे पहले की निकासी पर शर्तों के आधार पर TDS लग सकता है।
एक नज़र में
- नौकरी छूटने पर PF बैलेंस का 75% हिस्सा जल्दी (एडवांस के तौर पर) निकाला जा सकता है
- बाकी बचा 25% हिस्सा पाने के लिए अब 1 साल (12 महीने) इंतज़ार करना होगा, ताकि 10 साल की सर्विस टेन्योर बरकरार रहे
- यह 12 महीने वाला नियम EPF स्कीम, 2026 के तहत लागू हुआ है — पहले यह इंतज़ार सिर्फ 2 महीने का होता था
- यह बदलाव सिर्फ नौकरी छूटने के बाद के फुल-एंड-फाइनल सेटलमेंट पर लागू है, बीमारी, शिक्षा या घर जैसी ज़रूरतों के लिए होने वाली आंशिक निकासी पर नहीं
- पेंशन (EPS) वाला हिस्सा अलग नियम से चलता है — कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका इंतज़ार 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दिया गया है, अलबत्ता नई नौकरी मिलने पर यह इंतज़ार खत्म हो जाता है और खाता जारी रहता है
- 5 साल की लगातार सेवा के बाद निकासी टैक्स-फ्री है; उससे पहले ₹50,000 से ज़्यादा की निकासी पर TDS लग सकता है
नौकरी छोड़ने पर PF का पैसा कितना और कब मिलेगा?
EPFO के मौजूदा FAQ के मुताबिक, बेरोज़गारी की स्थिति में सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक एडवांस के तौर पर निकाल सकते हैं। हालांकि यहां एक ज़रूरी बात समझनी होगी: 75% का यह आंकड़ा हर मामले में अपने-आप मिलने वाली गारंटी नहीं है — असल रकम EPFO के लागू नियमों और सदस्य की योग्यता पर निर्भर करती है। 75% वाला अनएम्प्लॉयमेंट एडवांस और पूरा फाइनल सेटलमेंट, ये दोनों अलग-अलग प्रावधान हैं।
पहले नियम के तहत नौकरी छूटने के 2 महीने बाद ही सदस्य पूरे PF अकाउंट के फाइनल सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकते थे। लेकिन EPF स्कीम, 2026 के तहत यह इंतज़ार बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है, इसलिए अब पूरे अकाउंट का फाइनल सेटलमेंट पाने के लिए 12 महीने की लगातार बेरोज़गारी ज़रूरी है।
समझें: आसान भाषा में — नौकरी छूटते ही ज़्यादातर पैसा (75% तक) जल्दी मिल सकता है, लेकिन बचा हुआ हिस्सा और पूरा खाता बंद करने के लिए अब पहले से ज़्यादा इंतज़ार करना होगा।

यह बदलाव क्यों किया गया?
EPFO के अपने आंकड़ों के मुताबिक करीब 50% EPFO सदस्यों के रिटायरमेंट के समय PF अकाउंट में ₹20,000 से भी कम बैलेंस बचा था, क्योंकि वे बार-बार नौकरी बदलने पर हर बार पूरा पैसा निकाल लेते थे। इसी वजह से इंतज़ार की अवधि बढ़ाकर लोगों को रिटायरमेंट सेविंग बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश की गई है।
EPS (पेंशन) के पैसे का क्या होगा?
यह ज़रूरी है कि आप EPF (प्रोविडेंट फंड) और EPS (पेंशन स्कीम) को अलग-अलग समझें — दोनों अलग-अलग नियमों से चलते हैं:
पहले, नौकरी छोड़ने के सिर्फ 2 महीने बाद पेंशन (EPS) का पैसा भी निकाला जा सकता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 के नियमों के तहत यह इंतज़ार बढ़ाकर 36 महीने (3 साल) कर दिया गया है। अगर इस बीच सदस्य किसी और EPF-कवर्ड नौकरी से जुड़ जाता है, तो उसका पेंशन अकाउंट निकासी की बजाय बस जारी रहता है।
चूंकि यह जानकारी अभी सीमित स्रोतों में ही है, प्रकाशन से पहले EPFO के आधिकारिक नोटिफिकेशन से इसे क्रॉस-चेक ज़रूर कर लें।
याद रखें: अगर आपकी कुल सर्विस 10 साल से कम है, तो EPS का पैसा एकमुश्त निकाला जा सकता है (Form 10C के ज़रिए)। लेकिन अगर सर्विस 10 साल या उससे ज़्यादा हो चुकी है, तो एकमुश्त निकासी की बजाय स्कीम सर्टिफिकेट मिलता है और पेंशन 58 साल की उम्र से शुरू होती है।
नौकरी बदलने पर ट्रांसफर बेहतर है या निकासी?
अगर आप नई नौकरी जॉइन कर रहे हैं, तो पैसा निकालने की बजाय अपने पुराने PF अकाउंट को UAN के ज़रिए नए एम्प्लॉयर के साथ ट्रांसफर करना अक्सर बेहतर विकल्प होता है, क्योंकि इससे:
- 5 साल की टैक्स-फ्री निकासी वाली सर्विस अवधि की गिनती नहीं टूटती
- 10 साल की पेंशन योग्यता की गिनती भी जारी रहती है
- पैसा बार-बार निकालने से बचकर एक बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस बनाया जा सकता है
PF निकासी पर टैक्स कब लगेगा?
अगर आप 5 साल की लगातार सेवा पूरी करने से पहले PF निकालते हैं और टैक्सेबल रकम ₹50,000 या उससे ज़्यादा है, तो 10% की दर से TDS कटता है अगर PAN दिया गया है, और अगर PAN नहीं दिया गया है तो यह दर करीब 34.608% तक जा सकती है। ₹50,000 से कम की निकासी पर कोई TDS नहीं कटता।
TDS का यह नियम तब लागू नहीं होता जब नौकरी छूटने का कारण आपके नियंत्रण से बाहर हो — जैसे कंपनी बंद होना, छंटनी या ले-ऑफ। इसके अलावा अगर किसी गंभीर मेडिकल कंडीशन की वजह से सेवा जारी नहीं रखी जा सकी हो, तब भी TDS लागू नहीं होता।
अगर आपकी 5 साल की सेवा पूरी नहीं हुई है, निकासी ₹50,000 से ज़्यादा है, लेकिन आपकी कुल सालाना आय टैक्स योग्य सीमा से कम है, तो Form 121 जमा कर TDS कटने से बचा जा सकता है — यह नियम पहले हमारे Form 121 वाले लेख में विस्तार से बताया गया है।
ज़रूरी फॉर्म कौन-कौन से हैं?
Form 19 पूरे PF अकाउंट के फाइनल सेटलमेंट (रिटायरमेंट/बेरोज़गारी/इस्तीफ़े के बाद पूरी निकासी) के लिए इस्तेमाल होता है। Form 10C पेंशन (EPS) के पैसे की निकासी के लिए है। Form 31 आंशिक निकासी या शिक्षा, शादी, मेडिकल, होम लोन जैसी ज़रूरतों के लिए नॉन-रिफंडेबल एडवांस के लिए इस्तेमाल होता है।
FAQ
1. नौकरी छोड़ने के बाद EPF से कितना पैसा तुरंत मिलेगा?
EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक कुल PF बैलेंस का 75% तक एडवांस के तौर पर जल्दी निकाला जा सकता है, हालांकि सटीक रकम व्यक्ति की स्थिति और लागू नियमों पर निर्भर करती है।
2. बाकी बचा 25% हिस्सा कब मिलेगा?
EPF स्कीम, 2026 के नए नियमों के तहत पूरे अकाउंट के फाइनल सेटलमेंट के लिए अब 12 महीने की लगातार बेरोज़गारी ज़रूरी है, जो पहले सिर्फ 2 महीने थी।
3. क्या EPF और EPS (पेंशन) की निकासी के नियम एक जैसे हैं?
नहीं, दोनों अलग हैं। EPF (प्रोविडेंट फंड) पर 12 महीने का नियम लागू है, जबकि पेंशन (EPS) के पैसे की निकासी पर रिपोर्ट्स के मुताबिक 36 महीने का इंतज़ार बताया गया है — प्रकाशन से पहले इसे आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।
4. नौकरी बदलने पर PF निकालना चाहिए या ट्रांसफर करना चाहिए?
अगर नई नौकरी मिल चुकी है, तो ट्रांसफर बेहतर है क्योंकि इससे टैक्स-फ्री निकासी और पेंशन योग्यता के लिए ज़रूरी सर्विस अवधि की गिनती नहीं टूटती।
5. PF निकासी पर टैक्स कब लगता है?
5 साल की लगातार सेवा से पहले ₹50,000 या उससे ज़्यादा की निकासी पर TDS लग सकता है, लेकिन छंटनी, कंपनी बंद होने या गंभीर बीमारी जैसी स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होता।
6. PF निकालने के लिए कौन-सा फॉर्म भरना होगा?
पूरे अकाउंट की निकासी के लिए Form 19, पेंशन निकासी के लिए Form 10C, और आंशिक निकासी/एडवांस के लिए Form 31 इस्तेमाल होता है।
- “PF क्लेम में नया Form 121 क्या है? Form 15G/15H की जगह”
- “EPF ब्याज दर 2025-26: 8.25% बरकरार, नई EPF स्कीम 2026 में क्या बदला?”
- “EPFO 3.0: ATM और UPI से PF निकासी कैसे होगी, पूरी जानकारी”
External/Authoritative Sources to Verify & Link:
- EPFO की आधिकारिक वेबसाइट (epfindia.gov.in) — निकासी नियम और फॉर्म पर
- PIB का आधिकारिक प्रेस रिलीज़ — EPF स्कीम 2026 और CBT के फैसलों पर
- श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का आधिकारिक बयान — EPS प्रतीक्षा अवधि पर








