वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की ब्याज दर 7.1% पर बरकरार रखी है, यानी पिछली तिमाही जैसा ही रिटर्न मिलता रहेगा। यह लगातार 9वीं तिमाही है जब सरकार ने PPF, NSC, SCSS, SSY और KVP जैसी स्मॉल सेविंग स्कीम्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
एक नज़र में
- जुलाई-सितंबर 2026 (Q2 FY 2026-27) के लिए PPF ब्याज दर 7.1% पर स्थिर
- लगातार 9वीं तिमाही से दरों में कोई बदलाव नहीं
- इस तिमाही NSC पर 7.7%, SCSS और SSY पर 8.2%, POMIS पर 7.4% और KVP पर 7.5% ब्याज मिलेगा
- PPF की दर अप्रैल 2020 से ही 7.1% पर अटकी हुई है
- PPF निवेश और मैच्योरिटी दोनों टैक्स-फ्री हैं (EEE स्टेटस), और यह 80C के तहत डिडक्शन के लिए भी योग्य है
- यह दर हर तिमाही की शुरुआत में वित्त मंत्रालय अलग से नोटिफाई करता है
PPF पर ब्याज दर 7.1% क्यों बरकरार रखी गई?
वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (DEA) ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई से 30 सितंबर 2026) के लिए दरें पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) जैसी ही रहेंगी। इससे पहले अप्रैल-जून 2026 तिमाही की दर भी 30 मार्च 2026 को इसी स्तर पर बरकरार रखी गई थी।
समझें: PPF, NSC, SCSS जैसी योजनाओं को “स्मॉल सेविंग स्कीम” कहा जाता है, जिनकी ब्याज दरें केंद्र सरकार हर तीन महीने में तय करती है — यह EPF या बैंक FD से अलग व्यवस्था है।
लगातार 9वीं तिमाही: यह सिलसिला कब से चल रहा है?
PPF की ब्याज दर में आखिरी बड़ा बदलाव अप्रैल 2020 में हुआ था, और उसके बाद से यह लगातार 7.1% पर स्थिर है। पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें तो सरकार हर तिमाही रेट रिवाइज़ करने का विकल्प रखती है, लेकिन ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने का फैसला बार-बार लिया गया है।
जुलाई–सितंबर 2026 में अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स की दरें क्या हैं?
इस तिमाही सीनियर सिटिज़न सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर सबसे ज़्यादा 8.2% ब्याज मिल रहा है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7%, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) पर 7.4%, और किसान विकास पत्र (KVP) पर 7.5% ब्याज तय है, जिसकी मैच्योरिटी 115 महीने में होती है।
| योजना | ब्याज दर (जुलाई–सितंबर 2026) |
| PPF | 7.1% |
| NSC | 7.7% |
| SCSS | 8.2% |
| SSY | 8.2% |
| POMIS | 7.4% |
| KVP | 7.5% (115 महीने मैच्योरिटी) |
इसी तिमाही सरकारी कर्मचारियों के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) पर भी 7.1% ब्याज दर बरकरार रखी गई है, जबकि संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के EPF खाते पर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज मिल रहा है — दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं।
PPF ब्याज दर कैसे तय होती है?
PPF की दर श्यामला गोपीनाथ कमेटी की सिफारिशों के आधार पर तय होती है, जिसके मुताबिक इसे पिछली तिमाही के 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड (G-Sec) के औसत यील्ड से 25 बेसिस पॉइंट ज़्यादा रखा जाना चाहिए। हालांकि वित्त मंत्रालय हमेशा इस फॉर्मूले का सख्ती से पालन नहीं करता।
PPF में निवेश, टैक्स बेनेफिट और निकासी के नियम
PPF खाते में साल में कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। निवेश की गई रकम पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, और ब्याज व मैच्योरिटी रकम दोनों पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं।
खाता खोलने के एक साल बाद बैलेंस का 25% तक लोन लिया जा सकता है। 5 साल बाद आंशिक निकासी संभव है, जबकि पूरा पैसा 15 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर ही मिलता है।
ब्याज हर महीने की 5 तारीख़ और महीने के आख़िरी दिन के बीच सबसे कम बैलेंस पर कैलकुलेट होता है, इसलिए महीने की 5 तारीख़ से पहले पैसा जमा करने पर ज़्यादा ब्याज का फ़ायदा मिलता है।
PPF, EPF और GPF: कन्फ्यूज़न दूर करें
आम पढ़ने वालों के लिए ये तीनों नाम मिलते-जुलते लगते हैं, इसलिए फ़र्क समझना ज़रूरी है:
- PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड): कोई भी नागरिक खुद खोल सकता है, दर सरकार तिमाही आधार पर तय करती है
- EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड): संगठित क्षेत्र के वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए, दर EPFO सालाना तय करता है
- GPF (जनरल प्रोविडेंट फंड): सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए, दर PPF के बराबर रखी जाती है
इस बारे में और अपडेट आने पर लेख को रिवाइज़ किया जाएगा।
FAQ
- जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही में PPF पर कितना ब्याज मिलेगा?
वित्त मंत्रालय के मुताबिक जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में PPF पर 7.1% वार्षिक ब्याज मिलेगा, जो पिछली तिमाही जैसा ही है। - PPF दर लगातार कितनी तिमाहियों से स्थिर है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह लगातार 9वीं तिमाही है जब PPF समेत ज़्यादातर स्मॉल सेविंग स्कीम्स की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। - PPF की दर आख़िरी बार कब बदली थी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार PPF दर में आख़िरी बड़ा बदलाव अप्रैल 2020 में हुआ था, तब से यह 7.1% पर स्थिर है। - क्या PPF पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है?
नहीं, PPF का निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी रकम तीनों पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं (EEE कैटेगरी), और निवेश पर 80C के तहत डिडक्शन भी मिलता है। - PPF और EPF में क्या अंतर है?
PPF कोई भी नागरिक खुद खोल सकता है और इसकी दर तिमाही आधार पर तय होती है, जबकि EPF सिर्फ संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है और इसकी दर EPFO सालाना तय करता है। - PPF खाते से पैसा कब निकाला जा सकता है?
खाता खोलने के 5 साल बाद आंशिक निकासी की जा सकती है, जबकि पूरी रकम 15 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर मिलती है।
Suggested Internal Links:
- “80C के तहत टैक्स बचाने के बेहतरीन तरीके”
- “PPF खाता ऑनलाइन कैसे खोलें”
Suggested External/Authoritative Sources to Verify & Link:
- वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग (DEA) की आधिकारिक अधिसूचना (finmin.nic.in)
- PIB का प्रेस रिलीज़ — स्मॉल सेविंग स्कीम दरों पर
- इंडिया पोस्ट/नेशनल सेविंग्स इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट — PPF नियमों पर





