महाराष्ट्र राजनीति अमरावती : जब शिंदे गुट के नेता और पूर्व सांसद राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर आज फिर से महागठबंधन में घमासान मच गया. आनंदराव अडसुल उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुझे राज्यपाल का पद देने का वादा किया है. लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हुआ है. इसलिए धैर्य के तौर पर मैं 15 दिनों तक इंतजार करूंगा, ऐसा आनंदराव अडसुल ने कहा और कहा जा रहा है कि उन्होंने महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को चेतावनी दे दी है.
वहीं, जाति वैधता प्रमाणपत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नवनीत राणा के पक्ष में जो फैसला दिया है, वह समाज के लिए खतरनाक है. पूर्व सांसद आनंद राव अडसुल ने प्रतिक्रिया दी है कि वह अगले कुछ दिनों में फिर से कोर्ट जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अमरावती जिले की तीन विधानसभा सीटें तिवसा, दर्यापुर और बडनेरा मांगेंगे.
अमित शाह ने मुझे राज्यपाल पद के लिए अपना वादा दिया है – आनंदराव अडसुल
अमित शाह (अमित शाह) और देवेन्द्र फड़नवीस देवेन्द्र फड़णवीस के अनुरोध पर हमने दो-तीन बार नाम वापस लिया, लेकिन आनंदराव अडसुल को राज्यपाल का पद क्यों नहीं दिया गया? अमित शाह ने मार्च महीने में आनंदराव अडसुल को राज्यपाल बनाने का वादा किया था. तो फिर आनंदराव अडसुल का नाम इस सूची में क्यों नहीं है? कैप्टन अभिजीत अडसुल ने हाल ही में इस बात पर अफसोस जताया था कि इस तरह का सवाल उठाकर बीजेपी ने महागठबंधन में हमारे साथ गलत व्यवहार किया है. वहीं, शिवसेना शिंदे गुट के पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल ने भी खुलकर महागठबंधन से नाराजगी जाहिर की है.
बीजेपी हर बार हमारी बातों को खारिज कर देती है- अभिजीत अडसुल
हाल ही में सीपी राधाकृष्णन द्वारा महाराष्ट्र(महाराष्ट्र के अछूते राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन) को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राधाकृष्णन को रमेश बैस के स्थान पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह झारखंड के राज्यपाल थे. इस बीच राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं. इसी तरह राधाकृष्णन को राज्यपाल नियुक्त किया गया है. इस बीच इस नियुक्ति को लेकर महायुति में नाराजगी का नाटक शुरू हो गया है. एकनाथ शिंदे कैप्टन अभिजीत अडसुल ने खुलेआम यह सवाल उठाकर अपनी नाराजगी जाहिर की है कि राज्यपाल का पद शिवसेना नेता और एकनाथ शिंदे के पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल को क्यों नहीं दिया गया.







